किस्मत पर टिकी इंसान की ज़िन्दगी !
इंसान की ज़िन्दगी केवल किस्मत पर ही नहीं टिकी है . इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकता है समाज मे कई ऐसे लोग है जो किस्मत पर विशवास किये बिना ही मेहनत से जिंदगी को बड़ी ख़ुशी से जी रहे है . समाज मे कई ऐसे लोग है जो मेहनत करके ऊचा मुकाम हासिल कर चुके है . इंसान मेहनत करके अपनी किस्मत को बदल सकता है और जिंदगी को पूरी ख़ुशी से जी सकता है
भारत एक परम्परावादी देश है जहा लोग अक्सर धर्म - कर्म और किस्मत मे विशवास रखते है उनका हर काम किस्मत पर ही छोड़ देता है पर इंसान जिंदगी में जो सोचता है वो कभी होता नहीं है जिससे वह हर समय निराश रहता है
वह सारा समय सोच मे ही निकल देता है की उसकी किस्मत मे अगर कुछ होगा तो मिल जायेगा जिस कारण वह मेहनत करने से पीछे हट जाता है और अपनी ज़िन्दगी से निराश हो कर सोचता रहता है की वह कामजाब क्यों नहीं हो रहा , उसको लगता है उसको सब कुछ अपने आप ही मिल जायेगा
अगर वह काम करता भी है तो तक़दीर उसका साथ छोड़ देती है जिससे इंसान फिर अपनी किस्मत को कोसने लग जाता है की उसकी किस्मत ही खराब है जिस कारण वह कामजाब नहीं हो पा रहा
जिससे इंसान टूट जाता है
लोगो से अक्सर यही बात सुनने को मिलती है की उसका लड़का कामजाब नही हो पाया उसकी किस्मत ही खराब है जो यह कामजाब नहीं हो पा रहा है , उसके लड़के को नोकरी नहीं मिलती ,शादी नहीं हो रही या परिवार मे कोई काम सही नहीं हो रहा है तो इसका दोष सीधा किस्मत को ही दिया जाता है की अगर हमारी किस्मत अच्छी होती तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता
पर यह सब गलत बाते है इंसान की ज़िन्दगी केवल किस्मत पर ही नहीं टिकी है इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकता है समाज मे कई ऐसे लोग है जो किस्मत पर विशवास किये बिना ही मेहनत से जिंदगी को बड़ी ख़ुशी से जी रहे है
इंसान ही अपनी किस्मत को खुद बनाता और बिगड़ता है
लेखक धन्यवाद
करिश्मा खोसला पंकज कपाही